नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने राफेल मामले में दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर केंद्र सरकार को 4 मई तक अपना जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। इन याचिकाओं पर 6 मई को सुनवाई होगी। इससे पहले शीर्ष अदालत ने फ्रांस से 36 राफेल फाइटर जेट खरीदने को लेकर हुई डील को चुनौती देने वाली याचिका 14 दिसंबर 2018 को खारिज करते हुए केंद्र सरकार को राहत दी थी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार की उस आपत्ति को खारिज कर दिया था, जिसमें गोपनीय दस्तावेजों के आधार पर पुनर्विचार खारिज करने की मांग की गई थी।
केंद्र सरकार की ओर से मंगलवार को अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने पैरवी की। उन्होंने जवाब दाखिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से चार सप्ताह का समय मांगा था। लेकिन, चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की बेंच ने इस अपील को खारिज करते हुए शनिवार तक जवाब दाखिल करने का समय दिया। बेंच में जस्टिस एसके कौल और केएम जोसेफ भी शामिल।
पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी, यशवंत सिन्हा और वकील प्रशांत भूषण ने शीर्ष अदालत के फैसले पर पुनर्विचार याचिका दायर की है। इनके अलावा आप नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी पुनर्विचार याचिका दायर की है।
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली ग्रुप को निर्देश दिए हैं कि वह कल (बुधवार) तक क्रिकेटर एमएस धोनी के साथ किए गए लेन-देन की जानकारी दे। धोनी 2009-2016 तक आम्रपाली समूह के ब्रांड एंबेसडर थे। धोनी ने आम्रपाली ग्रुप के प्रोजेक्ट में बुक किए गए पेंट हाउस के मालिकाना हक की सुरक्षा के लिए पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी।
धोनी ने पेंटहाउस के लिए 20 लाख रुपए का भुगतान किया
अदालत की ओर से नियुक्त फोरेंसिक ऑडिटर ने धोनी को नोटिस देकर पेंट हाउस खरीदने से जुड़ी जानकारियां मांगी थी। धोनी ने 10 साल पहले आम्रपाली के प्रोजेक्ट में 5500 स्क्वायर फीट का पेंटहाउस बुक किया था। उन्हें अभी तक पजेशन नहीं मिला है। वे 20 लाख रुपए का भुगतान कर चुके हैं।
आम्रपाली के प्रमोटर्स के खिलाफ दिल्ली पुलिस जांच करेगी
आम्रपाली के ग्राहकों के पैसे के दुरुपयोग के मामले में दायर की गई ऑडिट रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर ली है। अदालत ने दिल्ली पुलिस से कहा कि वह रिपोर्ट के आधार पर आम्रपाली के प्रमोटर्स और डायरेक्टर्स के खिलाफ जांच करे।
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